परिकल्पना एवं उद्देश्य
विद्यालय की दृष्टि सदैव बच्चों के सर्वांगीण विकास की ओर रहती है, जिसके विभिन्न पहलू इस प्रकार हैं-
शिक्षण प्रणाली: स्कूल की शिक्षण प्रणाली पूरी तरह से छात्रों को ज्ञान और कौशल प्रदान करने और उनके विकास पर केंद्रित है।
छात्र-शिक्षक संबंध: अच्छे छात्र-शिक्षक संबंध शिक्षण प्रक्रिया को सुचारू बनाते हैं।
अध्ययन सामग्री: स्कूल अध्ययन सामग्री, पाठ्यक्रम और विभिन्न कार्यक्रमों के उचित उपयोग और उनकी प्रभावशीलता का आकलन करना।
छात्र विकास: विभिन्न पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास का समर्थन करना।
हमारा विद्यालय समाज के अनुरोध का मुद्दा उठाकर आगे बढ़ रहा है। हमारे विद्यालय के छात्रों में शामिल हैं-
बच्चों की शिक्षा के प्रति स्वयं को समर्पित करना
विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना
समाज में उपयोगी नागरिकों का निर्माण करना
नैतिक मूल्यों को समझाने के लिए और
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला, साहित्य आदि क्षेत्रों में सभी प्रकार का उपयोगी ज्ञान प्रदान करना>